डीपी वर्ल्ड के सीईओ युवराज नारायण बोले, भारत 'हर किसी की योजना में' है, पर रफ्तार बढ़ानी होगी
डीपी वर्ल्ड के ग्रुप सीईओ युवराज नारायण का कहना है कि भारत दुनिया भर की कंपनियों की रणनीतिक योजनाओं में शामिल है, लेकिन देश को रफ्तार बढ़ानी होगी, उन्होंने यह बात कंपनी की भारत में विस्तार योजनाओं के साथ साथ कही, जिसमें आगे 3 से 5 अरब डॉलर के निवेश की संभावना भी शामिल है।
डीपी वर्ल्ड के ग्रुप सीईओ युवराज नारायण ने कहा कि भारत दुनिया भर की कंपनियों की रणनीतिक योजनाओं में शामिल है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि मौके के पैमाने के साथ कदमताल करने के लिए देश को अब भी अपनी रफ्तार बढ़ानी होगी, उन्होंने यह बात बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स कंपनी की भारत में अपनी विस्तार योजनाओं की जानकारी देते हुए कही।
नारायण ने कहा कि डीपी वर्ल्ड भारत में आगे 3 से 5 अरब डॉलर का निवेश करने के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा किसी तय समयसीमा से बंधा नहीं है और यह विभिन्न बोलियों तथा परियोजनाओं के नतीजों पर निर्भर करेगा। मौजूदा मौकों में वाढवण बंदरगाह परियोजना भी शामिल है, जिसके कुछ हिस्सों के लिए डीपी वर्ल्ड पहले ही बोली लगा चुकी है, उन्होंने अनुमान जताया कि इस बंदरगाह के लिए 10 से 15 साल में चरणों में करीब 10 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत पड़ सकती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि वाढवण परियोजना आखिरकार शुरू हो जाएगी, उनका तर्क था कि अगर वहां आज बंदरगाह क्षमता तैयार होती तो मौजूदा मांग को देखते हुए वह अभी से इस्तेमाल में होती, और उन्होंने इसे इस लिहाज से जरूरी बताया कि भारत उस तरह की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला दे सके जिसकी जरूरत निर्माताओं को बड़े पैमाने पर उत्पादन भारत में स्थानांतरित करने से पहले होती है।
निकट भविष्य की योजनाओं पर नारायण ने तुना टेकरा में बन रहे नए कंटेनर टर्मिनल का जिक्र किया, जिसके अगले साल के मध्य तक चालू होने की उम्मीद है, उन्होंने इसे कंपनी के भारत में बड़े निवेशों में से एक बताया। उन्होंने यह भी बताया कि डीपी वर्ल्ड को हाल ही में दादरी में एक नई कंटेनर डिपो परियोजना मिली है, जिसकी लागत करीब 2,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।