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तीन दौर की बातचीत के बाद जंतर मंतर का धरना खत्म

कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को आंदोलन वापस लिया और कहा कि केंद्र ने उसकी प्रमुख मांगें मान लीं। तीन में से दो तय हो गईं, तीसरी भविष्य का वादा है।

लेखक India Max Staffप्रकाशित 4 मिनट का पाठ
Jantar Mantar, New Delhi, India. File photograph. फाइल फोटो।
Jantar Mantar, New Delhi, India. File photograph. फाइल फोटो। · फोटो: © ShadesofIndia / BY-SA 4.0 via Openverse

कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकारी प्रतिनिधिमंडल से तीन दौर की बातचीत के बाद शनिवार को जंतर मंतर का धरना खत्म कर दिया और कहा कि उसकी प्रमुख मांगें मान ली गई हैं। यह घोषणा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के कुछ ही देर बाद हुई।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने तीन मांगें रखी थीं, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों पर दर्ज सभी एफआईआर तथा मुकदमे वापस लेना और आगे कोई मुकदमा न होने का आश्वासन, और नीट परीक्षा को लेकर हुई गड़बड़ी के बाद जान गंवाने वालों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवज़ा। रांका ने कहा कि पहली मांग इस्तीफे से पूरी हुई और बाद में सरकार ने प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा देने पर सहमति दी।

दूसरी मांग सबसे लंबी चलने वाली है। दर्ज मुकदमे वापस लेना एक प्रशासनिक काम है जिसे पूरा और सत्यापित किया जा सकता है। आगे कोई मुकदमा न होने का आश्वासन समय के साथ आचरण का वादा है, और उसे लागू वही अधिकारी करेंगे जो मुकदमे दर्ज करते हैं।

आंदोलनों को आमतौर पर इस कसौटी पर परखा जाता है कि भीड़ के लौटने के बाद रियायतें टिकती हैं या नहीं। इस पैमाने पर इस्तीफा हो चुका है, मुआवज़े की बात कही गई है पर दिया नहीं गया है, और मुकदमों वाला हिस्सा वह है जिस पर जंतर मंतर के तंबू उठने के बाद नज़र रखनी होगी।

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