BenchmarksClosed 23 Oct
  • NIFTY 5022,600.00↓ -0.39%
  • SENSEX73,123.83↓ -0.17%
  • NIFTY Bank54,287.35↓ -1.16%
  • USD/INR94.93↑ +0.65%

सब्सक्राइब

अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणापत्र की 1776 की दुर्लभ छपी प्रति ब्रिटेन के राष्ट्रीय अभिलेखागार में मिली

यह एक स्वयंसेवी सूचीकरण परियोजना में मिली। इतिहासकारों के मुताबिक यह उस छपाई की गिनी चुनी बची प्रतियों में है, और यह ब्रिटेन इसलिए पहुंची क्योंकि खबर वहीं जा रही थी।

लेखक India Max Staffप्रकाशित 4 मिनट का पाठ
US original Declaration 1776. File photograph. फाइल फोटो।
US original Declaration 1776. File photograph. फाइल फोटो। · फोटो: Continental Congress / Public domain via Wikimedia Commons

स्मिथसोनियन मैगज़ीन की रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 1776 में छपी अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणापत्र की एक दुर्लभ प्रति ब्रिटेन के राष्ट्रीय अभिलेखागार में पहचानी गई है। यह उस काम के दौरान मिली जो एक स्वयंसेवी की सामान्य सूचीकरण परियोजना के रूप में शुरू हुआ था।

माना जा रहा है कि यह उस विशेष छपाई की बची हुई गिनी चुनी प्रतियों में से एक है। यह दुर्लभता इस बात का नतीजा है कि इन प्रतियों का इस्तेमाल कैसे हुआ। अमेरिकी राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखी हस्तलिखित प्रति प्रसिद्ध संस्करण है, पर घोषणापत्र का तात्कालिक असर उन छपे पन्नों पर टिका था जिन्हें तेज़ी से अधिकारियों, सैन्य कमांडरों, अखबारों और कस्बों तक पहुंचाया जा सके।

4 जुलाई 1776 को स्वीकृति के कुछ ही दिनों में छापाखानों ने कई संस्करण निकाले। उनमें से ज़्यादातर पन्ने नहीं बचे, क्योंकि वे खूब इस्तेमाल हुए, पढ़ने के बाद फेंक दिए गए, या युद्ध और सामान्य क्षय में नष्ट हो गए। इसलिए जुलाई 1776 की बची हुई छपाइयां अभिलेख के रूप में असाधारण रूप से मूल्यवान हैं।

यह प्रति जहां रखी रही, उसमें एक सटीकता है। तेरह उपनिवेशों पर ब्रिटिश शासन के अंत की घोषणा करने वाला दस्तावेज़ ढाई सौ साल तक ब्रिटिश राज्य ने ही संभाला, क्योंकि युद्धरत सरकार को यह पढ़ना होता है कि उसके प्रतिपक्ष ने क्या प्रकाशित किया। यह खोज याद दिलाती है कि अभिलेखागार सिर्फ इतिहास रखने की जगह नहीं, उसे खोजते रहने की जगह भी हैं, और सूचीकरण जैसा धीमा तथा बेरौनक काम ही असली फर्क डालता है।

टैग

  • Archives
  • History
  • United States
  • Preservation
और खबरों के लिए स्क्रॉल करते रहें