BenchmarksClosed 23 Oct
  • NIFTY 5022,600.00↓ -0.39%
  • SENSEX73,123.83↓ -0.17%
  • NIFTY Bank54,287.35↓ -1.16%
  • USD/INR94.93↑ +0.65%

सब्सक्राइब
कारोबारIDFC First Bank

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का मुनाफा दोगुने से ज़्यादा, सबसे तेज़ बढ़ा थोक कर्ज़

पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 1,075 करोड़ रुपये रहा। मार्जिन बढ़कर 5.96 प्रतिशत हुआ और धन की लागत 46 आधार अंक घटी।

लेखक Ananya Raoप्रकाशित 4 मिनट का पाठ
Signage above an IDFC First Bank branch, with a savings account interest rate board below it. फाइल फोटो।
Signage above an IDFC First Bank branch, with a savings account interest rate board below it. फाइल फोटो।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 1,075 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ बताया, जो साल भर पहले की इसी तिमाही से दोगुने से ज़्यादा है। बैंक ने इसका श्रेय कारोबार की रफ्तार, बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और खर्च पर कसे नियंत्रण को दिया।

शुद्ध ब्याज मार्जिन साल भर पहले के 5.71 प्रतिशत से सुधरकर 5.96 प्रतिशत हुआ, यानी 25 आधार अंक की बढ़त। कर्ज़ और अग्रिम 20.6 प्रतिशत बढ़कर 3,05,370 करोड़ रुपये रहे, जिसका श्रेय बैंक ने आवास, वाहन, कॉरपोरेट और उपभोक्ता कर्ज़ को दिया। धन की लागत 46 आधार अंक घटकर 5.96 प्रतिशत रह गई।

कुल से ज़्यादा दिलचस्प बनावट है। खुदरा, कृषि और छोटे कारोबार का पोर्टफोलियो 18.2 प्रतिशत बढ़कर 2,41,118 करोड़ रुपये हुआ। थोक पोर्टफोलियो 30 प्रतिशत बढ़कर 64,252 करोड़ रहा। खुदरा कर्ज़ पर खड़ा बैंक जब अपना कॉरपोरेट जोखिम खुदरा से लगभग दोगुनी रफ्तार से बढ़ाए, तो उसका स्वरूप बदल रहा होता है, चाहे यह घोषित मंशा हो या न हो।

दोनों में से कोई दिशा अपने आप बेहतर नहीं है। थोक कर्ज़ बड़े टुकड़ों में आता है और जोखिम कुछ ही नामों में इकट्ठा कर देता है, जबकि खुदरा उसे बारीक बांटता है पर उसे जुटाने और संभालने में खर्च ज़्यादा है। मार्जिन और घटती लागत यह दिखाती है कि फिलहाल बैंक को दोनों का अच्छा दाम मिल रहा है। असली परीक्षा तब है जब ब्याज चक्र पलटेगा और ये दोनों पोर्टफोलियो साथ चलना बंद कर देंगे।

टैग

  • IDFC First Bank
  • Earnings
  • Banking
  • Q1
और खबरों के लिए स्क्रॉल करते रहें